BEST 100+सरल हिन्दी मुहावरे | हिन्दी मुहावरे:अर्थ,उदाहरण और प्रयोग सहित

क्या आप सरल हिन्दी मुहावरे ढूंढ रहे है? तो आप बिल्कुल सही स्थान पर आए है हम यहा पर 100+ बेस्ट Muhavare in hindi में साझा कर रहे हैं। आज हमारे इस हिंदी मुहावरे की डिक्शनरी को शुरू करने से पहले हम जान लेते है की आखिर मुहावरा क्या होता है?

मुहावरे किसे कहते हैं?

मुहावरा हमारी भाषा का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा हैं जो भाषा को समृद्ध बनाने मे मदद करता हैं। मुहावरे वाक्य के अर्थ को अधिक स्पष्ट एवं विस्तृत तरीके से व्यक्त करने में सहायक होते हैं। मुहावरों में कई शब्दों का समूह एक अर्थ देते हुए देखने को मिलता है।

सरल हिन्दी मुहावरे

इन्हें समझना एवं याद करना आसान नहीं होता है, लेकिन इनका इस्तेमाल वाक्यों में करके आप वाक्य को रोचक एवं अधिक स्पष्ट बना सकते हैं। मुहावरों का इस्तेमाल बोलचाल की भाषा में अधिक होता है, लेकिन ये कहानियों, कविताओं, गीतों एवं उपन्यासों में भी उपयोग किये जाते हैं।

आज हम यहा पर इस लेख मे 100 से भी ज्यादा हिंदी मुहावरे अर्थ सहित और उनसे बने मुहावरे भी साझा कर रहे है। तो इस लेख को पूरा अवस्य पढे, और यदि आपको हमारा यह लेख पसंद आता है तो इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करना न भूले।

तो चलिये शुरू करते है आज के हमारे मुहावरे इन हिंदी के कलेक्शन को,

सरल हिन्दी मुहावरे। मुहावरे और उनके अर्थ

  1. अंक में भरना – आलिंगन करना।

जब मैं बचपन में रोया करता था मेरी माँ मुझे अपने अंक में भर लेती थी।

  1. अंकुर जमना – मन में नया विचार उत्पन्न होना।

एक आदर्श विद्यार्थी में देश-भक्ति का अंकुर जमने लगता हैं।

  1. अंग लगना – आत्मसात होना।

प्रतिदिन योग करने से किसी भी कार्य में शीघ्र ही अंग लागने लगता हैं।

  1. अंग टूटना – शरीर में दर्द होना।

बुखार लगते ही अंग टूटने लगता है।

  1. अंगारे उगलना – क्रोध में चिल्लाना।

जब पुलिस ने अपराधियों को रंगे हाथों पकड़ा तो मानो पुलिस अंगारे उगलने लगी।

  1. अंकुश रखना – नियंत्रण में रखना।

प्रदर्शन कारियों पर पुलिस अंकुश रखने का पूरा पूरा प्रयास करती हैं।

  1. अंगारों पर लोटना – झल्ला जाना।

पड़ोसी की तरक्की देख हर कोई अंगारों पर लोटने लगता हैं।

  1. अंधे की लकड़ी – विकलांग का सहारा।

मोहन सोहन के लिए अंधे की लकड़ी हैं।

  1. अंगूठा छाप – अनपढ़ व्यक्ति।

भारत में आज भी बहुत सारे किसान अंगूठा छाप हैं।

  1. अंड-बंड बकना – तर्कहीन बातें करना।

नशे व्यक्ति अंड-बंड बकने लग जाता हैं।

Muhavare aur unke arth hindi mein 2023

  1. आंख से अंगारे बरसना – अत्यंत क्रोधित हो जाना।

जब मुझे पता चला मेरा दोस्त मुझे चुना लगा रहा है तो मेरे आँख से अंगारे बरसने लगे।

  1. आंख की पुतली – प्रिय व्यक्ति।

शहीद जवान हमेसा देश की आँख की पुतली बनकर रहेंगे।

  1. आंख की किरकिरी – खटकने वाला व्यक्ति।

रोहण मेरे लिए हमेसा से आँख की किरकिरी हैं।

  1. आंख गड़ाना – सावधान हो जाना।

रात में गस्त लगाते समय जरा सी अजीब गतिविधि होने पर सैनिक आँख गरा लेते हैं।

  1. आंख का कांटा – दुःख देने वाला व्यक्ति।

                   उसने अपने दोस्त से कहा की तुम मेरे लिए आँख का काँटा हो।

  1. आंख कान खुले रखना – सचेत रहना।

सीमा पर जवान आँख-कान खोलकर सीमा की रक्षा करते हैं।

  1. आंखो का तारा होना – बहुत प्यारा होना।

उसका पुत्र उसके लिए आँखों का तारा हैं।

  1. आंखे चढ़ना – कुद्ध हो जाना।

                   मेरे इतना समझाने पर भी जब तुम नहीं समझते हो तो मेरी आंखे चढ़ जाती हैं।

  1. आंखे चुराना – सामने न आना।

                   मोहन जब चोरी करते हुए पकड़ा गया तो वह सबसे नजरे चुराने लगा।

  1. आंख का काजल चुराना – बड़ी चतुराई से चोरी करना।

तुमने पुलिस के सामने चोरी करके मानो जैसे आंख से काजल चुरा लिए।

Muhavare in hindi with meaning। सरल हिन्दी मुहावरे

  1. इक्कीस होना – सामान्य स्थिति से ऊपर उठना।

ईमानदारी में सदैव इक्कीस रहो कभी कभी तुम्हारे साथ बुरा नहीं होगा।

  1. इज्जत दो कौड़ी की कर देना – किसी का अपमान कर देना।

बीच बाजार में तुमने मेरी बेइज्जती करके मेरी इज्ज़त दो कौड़ी की कर दी।

  1. इज्ज़त पर पानी फेरना – सम्मान नष्ट करना।

                   जब श्याम रंगे हाथो चोरी करते पकड़ा गया तो उसकी इज्ज़त पर पानी फिड़ गया।

  1. इज्ज़त मिट्टी में मिलाना – अपमानित कर देना।

मोहन ने चोरी करके अपने माता-पिता की इज्ज़त मिट्टी में मिला दी।

  1. इतना सा मुंह निकलना – भौंचक्का रह जाना।

                   जैसे ही उसे गलत काम करते रंगे हाथो पकड़ा गया उसका इतना सा मुंह निकल गया।

  1. इंतकाल होना – मृत्यु होना।

मोहन के कुत्ते का इंतकाल हुए एक वर्ष हो गया।

  1. इतिश्री होना – अंत होना।

                   ज्ञान ऐसी चीज है जिसका कभी भी इतिश्री नहीं हो सकता हैं।

  1. इधर-उधर करना – उलट पुलट करना।

मैं जहा कही भी अपना समान रखता हूँ मेरा कुत्ता उसे इधर-उधर कर देता हैं।

  1. इधर कुआं उधर खाई – दो समस्याओं के मध्य घिर जाना।

                   जब मोहन अपने घर में चोरी करते पकड़ा गया तो उसके सामने इधर कुआं उधर खाई जैसी परिस्थिति उत्पन्न हो गयी।

  1. इशारे पर नाचना – किसी के प्रति पूर्ण समर्पित होना।

                   आजकल की पत्नी अपने पति को इशारे पर नचाना चाहती है।

मुहावरे और उनके अर्थ

  1. ईंट का जवाब पत्थर से देना – मुंह तोड़ जवाब देना।

                   आजकल ईंट का जवाब पत्थर से देना जरूरी हो गया है।

  1. ईंट से ईंट बजना – युद्ध होना।

भगवान राम जी और रावण के बीच ईंट से ईंट बज गयी थी।

  1. ईद का चाँद होना – बहुत दिनो बाद मुलाक़ात होना।

                   मोहन की नौकरी क्या लगी वो तो ईद का चाँद हो गया।

  1. ईमान बेंचना – बेईमानी करना।

                   कलयुग मे लोग ईमान बेचने मे जरा भी देर नहीं करते।

  1. उंगली उठाना – दोषारोपण करना।

कोई भी गलत कार्य होने पर सम्पूर्ण विपक्ष सरकार पर उंगली उठाने लग जाती है।

  1. उंगली उठना – निंदा होना।

आजकल लोग किसी पर भी उंगली उठाने से पहले जरा भी नहीं सोचते।

  1. उंगली रखना – किसी की रचना में दोष दिखाना।

                   मोहन आजकल हर काम में उंगली रखने लगा है।

  1. उगल देना – रहस्य प्रकट कर देना।

                   जैसे ही मोहन के पापा ने उस पर सख्ती दिखाई उसने सब कुछ उगल दिया।

  1. उजागर करना – प्रकट करना।

                   उसने तो मेरे सारे करतूतों को उजागर कर दिया।

  1. उधड़ कर नाचना – मनमाना व्यवहार करना।

                   आजकल के बच्चे किसी के साथ भी उधड़ कर नाचने लगते है कुछ बड़े- छोटो का लिहाज करना चाहिए।

  1. ऊंच-नीच समझना – वयस्क हो जाना।

                   बेटे तुम घर की ज़िम्मेदारी ले सकते हो क्यूंकी अब तुम ऊंच-नीच समझने लगे हो।

  1. ऊपर की आमदनी – अवैध आमदनी।

                   आजकल सभी अधिकारी की ऊपर की कमाई करते है।

  1. ऊसर में बीज डालना – निष्फल कार्य करना।

                   तुम्हारा एक भी कार्य ढंग का नहीं है इसको आगे बढ़ावा देना ऊसर में बीज डालने जैसा होगा।

  1. ऊल जलूल बकना – तर्क विरुद्ध बातें करना।

                   सोहन एक पढ़ने वाला बालक उससे ऊल जलूल बाते मत करना।

  1. ऊपरी मन से कहना – दिखावा करना।

                   सोनू ने मेरी आज तक सहायता नहीं की हैं, वह बस ऊपरी मन से ही सहायता की बात करता है।

  1. ऊंचे-नीचे पैर पड़ना – अपराध हो जाना।

                   हमे अपने अंदर की बुरी वासनाओं को वश मे रखना चाहिए नहीं तो कभी भी ऊंचे-नीचे पैर पड़ सकते हैं।

  1. ऊंट के मुंह में जीरा – अधिक आवश्यकता में थोड़ा मिल पाना।

                   आजकल जनसंख्या इतनी बढ़ गयी है की हर चीज़ ऊंट के मुंह में जीरा बन गयी है।

  1. ऊंची-नीची सुनाना – किसी के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग करना।

                   मैंने अपने मित्र से अपने पैसे क्या मांग लिए उसने मुझे ही ऊंची-नीची सुनाने लगा।

  1. एक अनार सौ बीमार – वस्तु कम उपभोक्ता ज्यादा।

   हमारे देश की जनसंख्या इतनी बढ़ गयी है की एक अनार सौ बीमार जैसी स्थिति उत्पन्न हो गयी है।

  1. एक ही थैली के चट्टे-बट्टे होना – एक ही मनः स्थिति के व्यक्ति।

                   सारे अपराधी एक ही थैली के चट्टे-बट्टे होते हैं।

  1. एक आवे के बर्तन होना – समान आदत के व्यक्ति।

                   तुम सब के व्यवहार को देख कर ऐसा प्रतीत होता है की तुम सब एक ही आवे के बर्तन हो।

  1. एक आंख न भाना – तनिक भी अच्छा न लगना।

                   शिवाजी महाराज को मुग़ल एक आंख भी नहीं भाते थे।

  1. एक-एक रंग जानना – भली भांति परिचित होना।

                   मोहन अपने पड़ोसी का एक-एक रंग जानता है।

  1. एक तीर से दो शिकार – एक साधन से एक से अधिक काम हो जाना।

                   आज कठिन परिश्रम के युग में हर कोई एक तीर से दो शिकार करना चाहता हैं।

  1. एड़ियां घिसना – कहीं पर बारबार जाना।

                   श्याम वर्षो स्कूल एड़ियां घिसने का परिणाम यह मिला की वह पूरे राज्य मे पहले स्थान पर आया है।

  1. एक न चलने देना – कुछ न करने देना।

मैं सड़क मे सुधार तो कर देता लेकिन परिवहन मंत्री ने मेरी एक न चलने दी।

  1. एक सूत्र में बांधना – संगठित करना।

                   जब तक हम एक सूत्र मे बंधकर एक दूसरे की सहायता नहीं करते तब तक विकास नहीं कर सकते है।

  1. एक हाथ से ताली नहीं बजती – द्वंद्ध के लिए दूसरा पक्ष जरूरी है।

                   हमेशा दो व्यक्ति की कहा सुनी के कारण ही झगड़ा होता है, क्यूंकी एक हाथ से ताली नहीं बजती।

  1. ओर-छोर न मिलना – किसी के संबंध में कोई जानकारी न मिलना।

                   चंबल के कुख्यात डाकू का प्रशासन को कोई ओर-छोर ही नही मिल रहा है।

  1. ओछे की प्रीति बालू की भीती – नीच व्यक्ति की मित्रता कभी पार नहीं उतरती।

                   तुम्हारे मित्र ने तुम्हें धोखा दिया न, मैंने तुमहे पहले भी सचेत किया था न कि ओछे कि प्रीति बालू कि भीती होती है।

सरल हिन्दी मुहावरे अर्थ सहित

  1. औंधी खोपड़ी – बुद्धिहीनता।

                   आजकल लोग औंधी खोपड़ी के कारण किसी पर भी भरोसा कर लेते हैं।

  1. औकात से बाहर होना – सामर्थ्य से बढ़कर बातें करना।

                   औकात से बाहर होकर कार्य करने पर बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पर सकता है।

  1. औंधे मुंह गिरना – बहुत बड़ा धोखा खाजाना।

                   किसी पर जल्दीबाजी में विश्वास करने का नतीजा औंधे मुंह गिरना भी हो सकता है।

  1. औने के पौने करना – घाटा उठाकर किसी माल को बेचना।

                    इस व्यापार मे इतना मंदी है की औने के पौने करने परते है।

  1. औकात में रहना – अपनी सामर्थ्य के अनुसार व्यवहार करना।

                   विद्धवान लोगों ने कई बार कहा है की अपनी औकात में रहना चाहिए।

  1. कंघी चोटी करना – श्रिंगार करना।

                   आजकल की महिलाए बिना कंघी चोटी किए काही नहीं जाना चाहती है।

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  1. कंधा देना – अर्थी कंधे पर रखना।

                   मेरा बेटा मेरी बरबादी का कारण है इसलिए तुमसे मैं कंधा देने अधिकार छिनता हूँ।

  1. कंप कपी छूटना – भयभीत होना।

                   जैसे ही बच्चे ने चिड़ियाघर में शेर तो उसकी कंप कपी छूट गई।

  1. कचूमर निकालना – अधिक पिटाई कर देना।

                   भीड़ के द्वारा अपराधी का कचूमर निकाल दिया जाता हैं।

  1. कच्ची गोली खेलना – अनुभव हीनता दिखाना।

आप हमेशा से कच्ची गोली खेलते आ रहे हो इसलिए आप अपने व्यापार मे सफल नहीं हो पा रहे हैं।

  1. कच्ची नींद जगाना – नींद के बीच मे उठा देना।

                   बच्चो को जब कच्ची नींद मे जगा दिया जाता है तो बहुत रोते है।

  1. कदम उठाना – किसी काम को करने के लिए तैयार होना।

                   बढ़ते हुए अपराध को रोकने के प्रशासन को शीघ्र ही कदम उठाना होगा।

  1. कतरा जाना – बचकर निकालना।

                   मोहन से मैंने सहायता क्या मांग ली वह तो कतराने लगा।

सरल हिन्दी मुहावरे- Muhavare in hindi

  1. कटा-कटा रहना – अलग-थलग पड़ जाना।

                   जब से मोहन शहर से आया है वो हम सब से कटा-कटा रहता है।

  1. खंड-खंड करना – नष्ट करना।

                   भगवान के पुजा स्थलो को खंड-खंड करना पाप है।

  1. खटाई में डालना – अनिर्णय की स्थिति मे रखना।

                    आज़ादी के समय से ही भारत सरकार शिक्षा में सुधार के सिफ़ारिश को खटाई में डाल रही है।

  1. खड़े पांव – अविलम्ब।

                   आतंकवादीयों को खड़े पांव ही देश से बाहर निकाल देना चाहिए।

  1. खड़क का शिकार बनना – मृत्यु हो जाना।

                   कार्गिल के युद्ध में अनगिनत सैनिको को खड़क का शिकार बन गए थे।

  1. खरा खोटा परखना – अच्छे-बुरे की पहचान करना।

आज के जमाने मे किसी को भी बीना खरा खोटा परखे बिना कुछ नहीं बताना चाहिए।

Best 100+ सरल हिन्दी मुहावरे इन हिन्दी

  1. खबर लेना – दंड देना।

                   क्षात्र जब भी शरारत करते है शिक्षक उनकी खबर लेते हैं।

  1. खप्पर भरना – रुष्ट होकर क्रोध का प्रदर्शन करना।

                   छोटे भाई को ज्यादा प्यार मिलते देख बड़े भाई ने खप्पर भर लिया।

  1. खत्म करना – हत्या कर देना।

                   आतंकवादियों की हत्या करना ही देश हीत मे है।

  1. खाट पकड़ना – बीमार होना।

                   मेरे पालतू कुत्ते के गायब होने की खबर सुनकर मैंने खाट पकड़ लिया था।

  1. खाक उड़ना – उजाड़ होना।

                   जिन घरों मे पहले काफी रौनक हुआ करती थी आज उनकी खाक उड़ गयी है।

  1. गड़ जाना – लज्जित होना।

                    पाकिस्तानी आतंकी को जीवित पकड़े जाने पर पाकिस्तान शर्म से गड़ गया।

  1. गठरी मारना – लूट लेना।

                   बंबई जैसे बड़े शहरों में चलते-चलते गठरी मार ली जाती है।

  1. गच्चा खाना – धोखा खाना।

                    भारत ने चीन पर विश्वाश करके गच्चा खाया है।

  1. गज भर की जबान होना – बहुत अधिक बोलना।

                   पाकिस्तान चीन की वजह से ही गज भर की जुबान हो गयी है।

  1. गज़ब ढाना – अद्द्भुत कार्य करना।

                   आजकल लड़कियां लड़को के मुक़ाबले गज़ब ढा रही है।

  1. गर्दन दबना – आभारी होना।

                   सोहन ने मेरे बुरे दिनों में म मेरी भौत सहायता की है इसलिए जब भी वह मेरे सामने आता है तो मेरा गर्दन दब जाता है।

  1. ग़म खाना – धैर्य रखना।

                   हमे अपने बुरे समय में ग़म खाना चाहिए।

  1. गया गुजरा – महत्वहीन।

                   क्या मैं इतना गया गुजरा हो गया हो गया हूँ की अब तुमलोग मुझे अपना साथ नहीं खिलाओगे।

  1. गरदन रेतना – धोखे से ठगना।

                   आजकल ठग स्वर्ण के चक्कर मे महिलाओ का गर्दन रेत देते है।

  1. गांठ कटना – जेब कटना।

                   ट्रेन मे चढ़ते और उतरते समय गांठ कटने की ज्यादा संभावना होती है।

  1. घर का उजाला – घर का यश फैलाने वाला पुत्र।

                   भीम राव अंबेडकर अपने घर का उजाला थे।

  1. घन चक्कर – मूर्ख व्यक्ति।

                   घन चक्कर व्यक्ति हमेशा से ही दूसरे के लिए परेशानी बनते आए है।

  1. घमंड में चूर होना – अत्यंत अभिमान करना।

                   अमेरिका अपनी तातकवर सेना को लेकर घमंड में चूर हो रहा है।

  1. घमंड तोड़ना – अहंकारी व्यक्ति को ठेस देना।

                   भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था चीन का घमंड तोड़ रही है।

  1. घर बसाना – विवाह रचाना।

                   आजकल लोग जल्दी घर बसाना नहीं चाहते है।

  1. घर का मर्द होना – अपने ही घर में ड़िंगे हाँकने वाला।

                    पाकिस्तान की सेना अपने ही देश में घर का मर्द बनते रहते है।

  1. घी-खिचड़ी होना – अत्यधिक मेल-जोल होना।

                   आजकल पुलिस और अपराधी में काफी घी-खिचड़ी हो गयी है।

आशा करता हूँ की आपको हमारी आज की ये 100+ सरल हिन्दी मुहावरे और उनके अर्थ पसंद आया होगा। इस लेख को अपने दोस्तो एवं रिशतेदारों के साथ साझा अवस्य करे।

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